गुरुवार, 11 नवंबर 2010

भविष्य मेँ इतिहास....

विभिन्न पदोँ हेतु प्रत्याशी होने को ब्रेन रीडिँग व नारको परीक्षण को अनिवार्य करने की माँग के साथ आने वाले समय मेँ इतिहास पीस पार्टी के साथ होगा.यह माँग भविष्य की महत्वपूर्ण माँग होगी.जिस तरह सति प्रथा के समाप्ति के लिए राजाराम मोहन राय नाम इतिहास मेँ जुड़ चुका है , उसी तरह ब्रेन रीडिँग व नारको परिक्षण को लेकर पीस पार्टी प्रमुख का नाम इतिहास मेँ होगा.यह सत्य है कि नब्वे प्रतिशत से भी ऊपर जनता,नेता,बेरोजगार,संस्था प्रमुख,आदि इस माँग के समर्थन मेँ कभी नहीँ खड़े हो सकेँगे .आज भी भ्रम,शंका,अफवाह,मतभेद,ईर्ष्या,आदि से प्रभावित मन लोगोँ का चरित्र ही नहीँ जीवन बदल देता है.भविष्य मेँ इस सम्बन्ध मेँ भी अदालत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.


माता पिता बनने का अधिकार :-


किसी विचारक ने कहा है कि माता पिता बनने का अधिकार सभी को नहीँ होना चाहिए.जो की भविष्य की पीढ़ी को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है.

चलो ठीक है कि स्त्री पुरुष को साथ साथ रहने का अधिकार प्रकृति भी देती है लेकिन भावी पीढी के सर्बांगीण बिकास के लिए हर कोई को माता पिता बनने का अधिकार नहीँ होना चाहिए.हमेँ देखने को मिल रहा है कि भावी पीढी की कमजोरियोँ के लिए कहीँ कहीँ मात पिता भी दोषी हो सकते हैँ.
घर की चारदीवारी के अन्दर सामाजिक मर्यादाओँ के नाम पर जीवन कैद है और घरेलू अपराधोँ के लिए बने कानून बौने साबित हो रहे हैँ.माता पिता व बच्चोँ के बीच सम्बन्धोँ की ऋणात्मक स्थिति
उजागर न होने को मजबूर है . समाज भी आज छिन्न भिन्न है.माता पिता ही परिवार मेँ अशान्ति व फूट के कारण बने हुए हैँ.



अशोक कुमार वर्मा 'बिन्दु'


सहसम्पादक


मर्म युग मासिक पत्रिका